सुनी सुनाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सुनी सुनाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, मार्च 27, 2012

शेर के साथ शरारत . ...

आज मै   आपके  सामने कुछ शेर ऐसे पेश कर रहा हूँ जिनके साथ शरारत की गयी है ।


जिनके हांथों मैंने दिया था फूल कभी ।
उन्हीं के हाँथ का पत्थर आज मेरी तलाश में हैं ।


बरसती हुई बरसातों में और टपकती हुई रातों में ।
अक्सर हम यह सोंचते हैं खटिया  कहाँ पे डाली जाये ।


देख हम तेरी जुल्फ़ के कितने चाहने वाले हैं ।
तभी तो तेरे  दो चार गेसू , हर निवाले में हैं ।