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गुरुवार, फ़रवरी 23, 2012

चालाक कौन ?.

आज मैं बचपन में पढ़ी हुई एक बाल कथा प्रस्तुत कर रहा हूँ ।अक्सर हम यह सुनते हैं की लोमड़ी चालाक    होती है  मगर यह कहानी कुछ और ही कहती  हैं ।
किसी जंगल में एक शेर और बहुत से जानवर रहते थे । एक दिन शेर ने बोला कि मैं बुढ़ा
हो गया हूँ इसलिए मैं शिकार नहीं कर सकता क्योंकि मैं जंगल का राजा हूँ और आप लोग 
मेरी प्रजा अब यह आपका कर्तव्य बन जाता हैं कि मेरे भोजन का प्रबंध आप लोग करें ।
सभी ने उसकी बात मान ली और एक एक करके रोज उसके पास जाते और शेर उनको खा 
जाता ।सब जानवर लोमड़ी के पास गये और बोले हम सब में तुम ही एक चालाक हो ।अत: 
तुम ही इस समस्या का हल निकालो ।लोमड़ी अपनी तारीफ सुन कर खुश हो गयी । और  
उसने घोषणा कर दी कि कल बह शेर के पास जाएगी । अगले दिन जब लोमड़ी शेर के पास 
देर से पहुंची तो शेर ने गरजना शुरू कर दिया कहाँ थीं तुम? मैं सुबह से भूखा हूँ ।
लोमड़ी ने दयनीय स्वर में कहा मैं तो आपके पास ही रही थी लेकिन रास्ते में मुझे एक 
और शेर मिल गया बस किसी तरह से पीछा छुड़ा कर आपके पास आयी हूँ ।शेर ने कहा  
जंगल का राजा  तो मैं हूँ, दूसरा कहाँ से आया चलो मुझे दिखाओ ।लोमड़ी शेर को लेकर  
कुँए के पास गयी और बोली वह इसमें रहता हैं । शेर ने कुँए में झांक कर देखा और बोला 
इसमें तो कोई नहीं । लोमड़ी से बोला तुम दिखाओ वह कहाँ हैं । जब लोमड़ी और शेर ने 
एक साथ देखा तो दोनों कि परछाईं कुँए के पानी में दिखाई दी ।शेर बोला वह उसको खा 
लेगा और मैं तुमको । शेर ने लोमड़ी को खा लिया ।
अब बताएं चालाक कौन ?..........