एक बार जब भगवान् शंकर धरती भ्रमण करके लौटे तो उनका मन बहुत अशांत था ।
पार्वती ने कहा जब आप धरती लोक से बापस आते थे तो बहुत प्रसन्न होते थे मगर इस
बार ऐसा क्या हुआ कि आपका मन अशांत हैं । भगवान् शंकर ने कहा तुम तो जानती हो
की मैं धरती पर लोगों को सुखी देखना चाहता हूँ लोगों का दुःख पूछता हूँ उनका निवारण
करता हूँ । और उनको सुखी करके बापस आ जाता हूँ । मगर इस बार मैं अपने को बहुत
असहाय अनुभव कर रहा हूँ । इस बार एक व्यक्ति के दुःख को मैं दूर नहीं कर सका ।
क्योंकि उसका दुःख था कि मेरा पड़ोसी सुखी क्यों हैं .............
पार्वती ने कहा जब आप धरती लोक से बापस आते थे तो बहुत प्रसन्न होते थे मगर इस
बार ऐसा क्या हुआ कि आपका मन अशांत हैं । भगवान् शंकर ने कहा तुम तो जानती हो
की मैं धरती पर लोगों को सुखी देखना चाहता हूँ लोगों का दुःख पूछता हूँ उनका निवारण
करता हूँ । और उनको सुखी करके बापस आ जाता हूँ । मगर इस बार मैं अपने को बहुत
असहाय अनुभव कर रहा हूँ । इस बार एक व्यक्ति के दुःख को मैं दूर नहीं कर सका ।
क्योंकि उसका दुःख था कि मेरा पड़ोसी सुखी क्यों हैं .............

