मंगलवार, फ़रवरी 28, 2012

चाँदनी रात में.......

अब मेरा दिल तो कुछ पल का मेहमान है ।
आ रहें हैं वह मिलने,आज चाँदनी रात में  ।
अब अंधेरों की किससे मैं शिकायत करूँ ,
लुट रहें हैं यहाँ अब तो चाँदनी रात में ।


रूबरू उनसे मिलना तो मुमकिन नहीं 
अब मिलेंगे मुझे वह ख्वाब ही खवाब में ।
अब तो नींदों से मैं यह गुज़ारिश करूँ ,
जो दिखाए वह हँसी खवाब चाँदनी रात में ।


दो कदम साथ चल कर वह रूठे हैं क्यों 
क्या हुई भूल हमसे बात ही बात में ।
उनकी यादों से मैं यह गुज़ारिश करूँ ,
जो ना अब सतायें मुझे  चाँदनी रात में ।

41 टिप्‍पणियां:

  1. चांदनी रात में जब कोई सताए तो चांदनी रात बहुत सताती है

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  2. अब मेरा दिल तो कुछ पल का मेहमान है ।
    आ रहें हैं वह मिलने,आज चाँदनी रात में ।
    अब अंधेरों की किससे मैं शिकायत करूँ ,
    लुट रहें हैं यहाँ अब तो चाँदनी रात में ।
    Wah!

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  3. कल रात चाँदनी से मुलाकात हो गई,
    कुछ उसने कहा कुछ मैंने कहा ढेरों बात हो गई|
    कुछ उसने सुना कुछ मैंने सुना बातें साफ़ हो गईं|

    बहुत अच्छी अभिव्यक्ति,सुंदर रचना के लिए बधाई.....

    काव्यान्जलि ...: चिंगारी...

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  4. बहुत सुन्दर..
    उनकी यादों से मैं यह गुज़ारिश करूँ ,
    जो ना अब सतायें मुझे चाँदनी रात में ।....

    वाह!!

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  5. बिन चाहे भी आ जाती हैं,
    यादों का है कौन भरोसा.

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  6. ये चाँदनी रातें सोने नहीं देतीं ...........अच्छी प्रस्तुति

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
    लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
    --
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज बुधवार के चर्चा मंच पर लगाई गई है!

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  8. ऐसी ही होती हैं कुछ यादें ...बहुत सुंदर रचना ...

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  9. रूबरू उनसे मिलना तो मुमकिन नहीं
    अब मिलेंगे मुझे वह ख्वाब ही खवाब में ।
    अब तो नींदों से मैं यह गुज़ारिश करूँ ,
    जो दिखाए वह हँसी खवाब चाँदनी रात में ...

    बहुत खूब ... ख्वाबो में ही बातें हो जाएँ तो क्या बात है ... लाजवाब ...

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  10. खुबसूरत अल्फाजों में पिरोये जज़्बात....शानदार |

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  11. रूबरू उनसे मिलना तो मुमकिन नहीं
    अब मिलेंगे मुझे वह ख्वाब ही खवाब में ।
    bahut khoob

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  12. यादें चाँदनी रात में उन्मत्त हो जाती हैं..

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  13. मन की अवस्था है चांदनी रात .चांदनी रात का मानवीकरण बाखूबी किया है आपने .खवाब ग्रेट इक्वेलैज़र हैं जो ज़िन्दगी में नसीब नहीं होता खाब मुहैया करवा दतें हैं .बढ़िया पोस्ट .

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  14. ajkal khwab meri chaat par aa kar thehar jate hei.....aur mei puri raat cigratte ke kasho aur teri yaad mei gujar deta hun....bahut khub

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  15. दो कदम साथ चल कर वह रूठे हैं क्यों
    क्या हुई भूल हमसे बात ही बात में ।
    उनकी यादों से मैं यह गुज़ारिश करूँ ,
    जो ना अब सतायें मुझे चाँदनी रात में ।
    vaah kya najakat bhari hai gujarish
    sundar bhav,

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  16. Pahli baar mauka mila hai aapke blog darshan... saral aur seedhee parantu khubsurat rachna... baal katha bhi pasand aayi... aur sabse achhi lagi aapki "Papa mujhe kya banana hai"....

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  17. रूठना और वह भी चांदनी रात में? हद है!

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  18. बहुत अच्छी प्रस्तुति,इस सुंदर रचना के लिए बधाई,...

    NEW POST ...काव्यान्जलि ...होली में...
    NEW POST ...फुहार....: फागुन लहराया...

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  19. रूबरू उनसे मिलना तो मुमकिन नहीं
    अब मिलेंगे मुझे वह ख्वाब ही खवाब में ।.....
    स:परिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं ................

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  20. काबिले-तारीफ शायरी।
    होली की शुभकामनाएं।

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  21. बड़ी प्यारी अभिव्यक्ति रही यह ..बधाई सुनील भाई !

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  22. सुन्दर प्रस्तुति....बहुत बहुत बधाई...होली की शुभकामनाएं....

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  23. होली की हार्दिक शुभकामनायें !

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  24. होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  25. दिनांक 13/01/2013 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!


    ऎसा क्यूँ हो जाता है......हलचल का रविवारीय विशेषांक.....रचनाकर...समीर लाल 'समीर' जी

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  26. रूबरू उनसे मिलना तो मुमकिन नहीं
    अब मिलेंगे मुझे वह ख्वाब ही खवाब में ।
    अब तो नींदों से मैं यह गुज़ारिश करूँ ,
    जो दिखाए वह हँसी खवाब चाँदनी रात में ।
    New post : दो शहीद
    New post: कुछ पता नहीं !!!



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  27. सुन्दर रचना. कई बार चांदनी रातें डराती भी. पंजाबी के सुप्रसिद्ध लेखक शिव कुमार बटालवी की पंक्तियाँ याद आ गयी-

    चाँद चांदनी मैं तुरां
    मेरे नाल तुरां परछांवा नी जिंद मेरिये

    कभी इस गीत को सुनिए ..दीदार सिंह परदेसी ने गाया है.

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