शुक्रवार, अगस्त 19, 2011

यह मजबूरियां ...(चंद शेर )



अब मैं कैसे देखूं सपने, तुझसे मिलने के ,
मेरी आँखों ने तो नींद से रिश्ता तोड़ रखा  है |

और नींद रूठी है एक मासूम बच्चे की तरह,
जिसकी माँ ने जिसे  गोद से उतार रखा हैं |

तुमको जब भी फुरसत हो हमको आवाज़ दे देना, 
हमारी किस्मत में तो बस इंतज़ार लिखा  हैं|

कलाइयाँ ऐसी नहीं जो चूड़ियों का बोझ सह ना सकें 
पेट की आग ने उनकी किस्मत में बाज़ार लिखा है|


42 टिप्‍पणियां:

  1. अरे भैय्या सुनिल जी, दिन में भी सपने देखे जा सकते हैं :)

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  2. सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ शानदार रचना ! बेहतरीन प्रस्तुती!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  3. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज शनिवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  4. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  5. आन्तरिक भावों के सहज प्रवाहमय सुन्दर रचना....

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  6. क्या बात है...
    बड़े उम्दा अशआर कहे हैं आपने...
    सादर बधाई...

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  7. kaya baat haen sunil ji ? hindi likha nhi ja raha haen isliae thode se kaam chala rahi hun .

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  8. अन्ना हजारे जी का आन्दोलन! फायेदा किसका-किसका ??
    यदि आन्दोलन की टाइमिंग पर विचार किया जाये तो बहुत से तथ्य स्वम ही स्पष्ट हो जायेंगे. सर्वप्रथम आते है की इस आन्दोलन से लाभान्वित कौन कौन होगा
    http://parshuram27.blogspot.com/2011/08/blog-post_20.html

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  9. अंतिम पंक्तियाँ दिल को छू गयीं,
    इंतजार का फल मीठा होता है...अति सुंदर रचना !

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  10. आपकी रचना का जवाब नहीं बहुत ही खूबसूरत |

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  11. ek se bad kar ek sher hain. laajawab.

    yaha b swagat hai

    http://anamka.blogspot.com/2011/08/blog-post_20.html

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  12. गहन भावों से पूर्ण बेहतरीन शेर।

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  13. अंतिम शेर लाजवाब लगा ...
    चूड़ियों वाला .....

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  14. बेहतरीन शेर हैं ... और अंत वाला तो कमाल का है ...

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  15. खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

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  16. sunil bahi ji
    bahut hi badhiya ,aap to sher likhne me bhi mahir hain.har pankyiyan v shbd bhav bahut hi achhe lage
    hardik badhai swikaren
    poonam

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  17. यह जन्माष्टमी देश के लिए और आपको शुभ हो सुनील भाई !

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  18. आपकी पोस्ट ब्लोगर्स मीट वीकली (५) के मंच पर शामिल की गई है /आप ब्लोगर्स मीट वीकली (५) के मंच पर आयें /और अपने विचारों से हमें अवगत कराएं /आप हिंदी की सेवा इसी तरह करते रहें यही कामना है /प्रत्येक सोमवार को होने वाले
    ब्लोगर्स मीट वीकली मैं आप सादर आमंत्रित हैं /आभार /
    http://hbfint.blogspot.com/2011/08/5-happy-janmashtami-happy-ramazan.html
    ब्लॉगर्स मीट वीकली (5) Happy Janmashtami & Happy Ramazan

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  19. आपको एवं आपके परिवार को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !

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  20. मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद /मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है /आभार /

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  21. मार्मिक भाव पूर्ण अभिव्यक्ति...

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  22. सुन्दर भावों से भरी शानदार रचना | मैंने आपका ब्लॉग फोलो भी कर लिया है |

    कृपया मेरी रचना देखें और ब्लॉग अच्छा लगे तो फोलो करें |
    सुनो ऐ सरकार !!
    और इस नए ब्लॉग पे भी आयें और फोलो करें |
    काव्य का संसार

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  23. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

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  24. Hi I really liked your blog.

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