शुक्रवार, मार्च 30, 2012

गर्मी की छुट्टी ....(.बाल कविता)

लो हुई छुटियाँ बंद स्कुल 
चिंटू अब  है बिलकुल कूल

दिन भर मस्ती करता रहता ।
सुबह देर से सो कर उठता  ।

पापा कहते कुछ तो  पढ़ लो
मम्मी कहतीं होम वर्क कर लो ।

चिंटू भगवान् से करता प्रार्थना ।
अगला महीना कभी ना आना।


30 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. सच मच सुन्दर रचना नै ज़मीन तोड़ी आपने इस नए क्षेत्र में प्रवेश किया .

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  2. वाह ! ! ! ! ! बहुत खूब सुंदर रचना,बेहतरीन भाव प्रस्तुति,....

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  3. सच है बच्चों को छुट्टियों सा आनंद कब मिलता है....

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  4. sach me chuttiyo ka besabri se intajar hota hai
    sundar kavita...

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  5. आह छुट्टियाँ ....वाह छुट्टियाँ

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  6. :-)

    सच्ची....हम भी अगर बच्चे होते...
    हमारी भी छुट्टियाँ आतीं...

    सादर.

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  7. मेरी टिप्पणी स्पाम से निकालिए सर......

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  8. अब तो छुट्टियां मिलती ही बड़ी कम हैं.

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  9. ह्म्म्म बच्चे भी खुश कि सुनील अंकल हमारा ख्याल रखते हैं। सुंदर कविता।

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  10. वाह छुट्टियाँ...अति सुन्दर लिखा है

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  11. सही है छुट्टियों में कैसा होम वर्क कैसी पढाई...
    सुन्दर रचना...

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  12. चलो जी छुट्टियाँ भी खतम

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  13. हा हा ... सब बच्चे चिंटू के साथ हैं ...

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  14. अब कहां रही छुट्टियां। होमवर्क के बोझ तले दबे हैं बच्चे।

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  15. बहुत बढ़िया रचना...अपने पोते को सुनाऊँगा. :)

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