बुधवार, मार्च 21, 2012

असफल प्रयास.......





आँखों से छलका ।
एक आंसू ,
पलकों ने किया 
असफल प्रयास
गिरने से, रोकने का ।
बचाने का , 
उसके अस्तिव को  ।
अंतत  ,
वह गिर गया  ।
संवेदनहीनता की ,
रेतीली ज़मीन पर।  

33 टिप्‍पणियां:

  1. अंतत ,
    वह गिर गया ।
    संवेदनहीनता की ,
    रेतीली ज़मीन पर।

    .waah sunder shabo ki abhivyakti .....ansoo jab aate hai to chaah kar bhi palko ko daga de jate hai .

    उत्तर देंहटाएं
  2. आंसू मिलता रेत में, सेत-मेत बेकार ।

    या फिर कामता दर्द भी, बोलो मेरे यार ।।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आंसू मिलता रेत में, सेत-मेत बेकार ।

      या फिर कमता दर्द भी, बोलो मेरे यार ।।

      हटाएं
  3. सच है जहाँ संवेदनहीनता की रेतीली ज़मीन हो वहां इन आंसुओं का कोई अस्तित्व नहीं होता... गहन भाव

    उत्तर देंहटाएं
  4. किसी का कांधा मिल जाता उन आँसुओं को, काश।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बह गए...अच्छा हुआ...कुछ मन तो हल्का हुआ....

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत ही सुन्दर भाव सजोये छोटी सी रचना !

    उत्तर देंहटाएं
  7. अस्तित्व ऐसे ही खत्म हो जाते हैं ... इसलिए गिरने नहीं देना चाहिए ... गहरी बात ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहा है नयनों से नीर कुछ तो कम हुई है पीर ........
    भावपूर्ण और सुन्दर !

    उत्तर देंहटाएं
  9. आंसू मन का बोझ हलका करते हैं .
    लेकिन अक्सर व्यर्थ भी जाते हैं .

    उत्तर देंहटाएं
  10. अंतत ,
    वह गिर गया ।
    संवेदनहीनता की ,
    रेतीली ज़मीन पर।
    और बन गया भाप .
    आंसू सूखा ,कहकहा हुआ
    पानी सूखा ,तो हवा हुआ ...

    उत्तर देंहटाएं
  11. अगर आसूं व्यर्थ होने का खतरा हो तो बहता है की पी लो या बेहतर है की वहां बहायें जाना कोई न हो..सिर्फ आसमा और जमीं ... पद कर यही सोच रहा हूँ

    उत्तर देंहटाएं
  12. कोई शब् बचा नहीं है कहने के लिए ..सिर्फ अहसाश ही है...शब्द मौन है..बेहतरीन

    उत्तर देंहटाएं
  13. bahut sundar bhavabhivyakti.हिन्दू नव वर्ष की शुभकामनायें .

    उत्तर देंहटाएं
  14. चारो तरफ यही सम्वेदनहीनता व्याप्त है.

    उत्तर देंहटाएं
  15. यही संवेदनहीनता चारों तरफ व्याप्त है.

    उत्तर देंहटाएं
  16. चित्र के आंसू .. ऐसा लगता है कि अब लुढ़का, तब लुढ़का .. पर हम संवेदनहीन नहीं हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  17. कम शब्दों में भावपूर्ण अभिव्यक्ति समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
    http://mhare-anubhav.blogspot.co.uk/

    उत्तर देंहटाएं
  18. आँसुओं का अस्तित्व होता है...यूँही संवेदनहीन रेत पर गिर जाए तो...गहन अभिव्यक्ति!

    उत्तर देंहटाएं
  19. सार्थक पोस्ट ..!
    नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ|

    उत्तर देंहटाएं
  20. अंतत ,
    वह गिर गया ।
    संवेदनहीनता की ,
    रेतीली ज़मीन पर।...सार्थक पोस्ट...

    उत्तर देंहटाएं
  21. आंसुओं की नियति को खूबसूरती से प्रस्तुत किया है आपने।

    उत्तर देंहटाएं
  22. आसुओं का हश्र यही होता है ...

    उत्तर देंहटाएं