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बुधवार, जून 08, 2011

आज कुछ अलग सा ..........


कभी- कभी  हम बड़े होने के बाद भी अपने अन्दर छिपे बचपन को 
बाहर आने से नहीं रोक पाते हम यह चाहते हैं की हम अपने पिता 
के कंधे पर चढ़ जाएँ या अपनी माँ की गोद  में लेट जाएँ | कभी किसी 
मेले में जाकर बच्चों वाले झूले  पर बैठ कर जोर जोर से चिल्लाएं ,
और आते समय पीं पीं की अवाज करने वाला बाजा बजाते हुए हाँथ 
में गुब्बारे लेकर  घर आयें | कभी कभी हम ऐसा करते भी है | 
यह  दिल की आवाज होती है  .
आज मैं कुछ बड़ों की बच्चों जैसी  सोंच पर  बनायी गयी पेंटिंग ,कृति 
पेश कर रहा हूँ |
क्योंकि दिल तो बच्चा है जी .....


कुमारी कृष्णा राठौड़   ,स्नातक डिग्री इलेक्ट्रोनिक एंड कम्युनिकेसन ,
परमाणु उर्जा विभाग के नाभिकीय  ईधन समिश्र , हैदराबाद में वैज्ञानिक 
अधिकारी के पद पर कार्यरत है |







                        शिवांगी श्रीवास्तव , इलेक्ट्रनिक एंड कम्प्यूटर में स्नातक डिग्री और 
      कॉग्निजेंट   टेक्नोलोजी सोल्यूशन  में  प्रोग्रामर  अनालिस्ट  ट्रेनी  के पद पर नियुक्त है |