बुधवार, अप्रैल 03, 2013

कवि की मज़बूरी ....

मेरे एक मित्र का फोन आया कि आप तो कवि  हैं एक जल्दी से हमारे विद्यालय के 
वार्षिक उत्सव पर कविता लिख कर मेल कर दो, समय दिया केबल एक घंटे का ...
पत्नी ने धिक्कारा ऐसे तो कवि बने फिरते  हो एक काम नहीं कर सकते 
हमारे अन्दर का कवि जग उठा और पंद्रह मिनट में रच डाली मज़बूरी की कविता ....


विद्या का यह  मंदिर हैं 
डॉन बास्को इसका नाम 
ज्ञानार्थ प्रवेश हैं इसमें 
और सेवार्थ प्रस्थान । 

गुरुओं का सम्मान सिखाते 
चरित्र निर्माण का पाठ  पढ़ाते 
अध्ययन अपना पूरा करके 
विधार्थी बनता अच्छा इन्सान । 

विद्या का यह  मंदिर हैं 
डॉन बास्को इसका नाम 
 

माता  पिता की सेवा करते 
गुरुओं का सम्मान वह करते 
निर्बल पर अन्याय ना करते 
रखते  सबका पूरा ध्यान । 

विद्या का यह  मंदिर हैं 
डॉन बास्को इसका नाम 

हरे भरे हैं खेत यहाँ पर 
मिला हो जैसे प्रकृति का वरदान 
रंग बिरंगे फूल  देख कर 
आती चेहरे  पर मुस्कान । 

विद्या का यह  मंदिर हैं 
डॉन बास्को इसका नाम 
ज्ञानार्थ प्रवेश हैं इसमें 
और सेवार्थ प्रस्थान ।  


कैसा लगा यह मज़बूरी का प्रयास 

19 टिप्‍पणियां:

  1. Bahut sundar rachna gadh di apne ... Saarthak karte huve kavi ki kalpana ko ... Badhai ...

    उत्तर देंहटाएं
  2. .भावात्मक अभिव्यक्ति ह्रदय को छू गयी आभार झुलसाई ज़िन्दगी ही तेजाब फैंककर ,. .महिला ब्लोगर्स के लिए एक नयी सौगात आज ही जुड़ें WOMAN ABOUT MANजाने संविधान में कैसे है संपत्ति का अधिकार-1

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवारीय चर्चा मंच पर ।।

    उत्तर देंहटाएं
  4. मजबूरी का नहीं इसे प्रेम का प्रयास कहें..बहुत सुंदर..

    उत्तर देंहटाएं
  5. रचनाकार या कवि यदि अपने मूड पर आ जाये तो कविता क्या चीज है रामायण भी लिखी जा सकती है,,,सुंदर रचना बन पड़ी है बधाई सुनील कुमार जी,,,

    Recent post : होली की हुडदंग कमेंट्स के संग

    उत्तर देंहटाएं
  6. गहन अनुभूति सुंदर रचना सार्थक प्रस्तुति
    बहुत बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  7. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  8. वाकई कविता से मजबूरी झाँक रही है ...!!

    उत्तर देंहटाएं
  9. दिमाकी कसरत से बनाई गयी कवितायेँ अक्सर कवी लोगों को घाटा पहुंचाती हैं।
    फिर भी 15 मिनट में और कर ही क्या सकते हैं। :)



    पधारिये आजादी रो दीवानों: सागरमल गोपा (राजस्थानी कविता)

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपका प्रयास बढ़िया रहा!
    सार्थक अभिव्यक्ति!
    साझा करने हेतु आभार!

    उत्तर देंहटाएं
  11. bahut sundar abhivyakti ...kavi man ki udan sarthak hi hoti hai badhai aapko sunil ji

    उत्तर देंहटाएं

  12. प्रयास बढ़िया,उम्दा प्रस्तुति
    latest post सुहाने सपने

    उत्तर देंहटाएं
  13. एक घंटे में अच्छी कविता रच दी आपने स्कूल की तारीफ हुई तो वाहवाही तो जरूर लूटी होगी हार्दिक बधाई आपको

    उत्तर देंहटाएं
  14. मज़बूरी में भी इतनी सुन्दर कविता !

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत अच्छा लिख दिया है आपने, दबाव में, सदा ऐसे ही दबाव में रहकर लिखते रहे।

    उत्तर देंहटाएं