सोमवार, अप्रैल 12, 2010

मेरा परिचय

मै बह एक आम आदमी हूँ जिसके जीवन मे डर और समस्याओं के सिवा कुछ भी नहीं होता है | जब बह साइकल पर चल रहा होता है | तब बह स्कूटर से डरता है और जब बह स्कूटर पर चलता है तब बह कार से डरता है इस तथाकथित सभ्य और शिक्षित समाज में अपना स्थान बनाने के लिए १२३ समझौता ,कीमती कारों और टीवी के बढते हुए दाम,कश्मीर मे घुसपैठ , नक्सली समस्या पर बात करना जिसकी मज़बूरी बन जाती है जबकि उसका लक्ष्य सुबह शाम की रोटी के सिवा और कुछ नहीं है | जमाँ पूंजी के नाम उसके पास रिश्तों की एक लम्बी फेहरिस्त है जो दादा दादी , नाना नानी से शुरू हो कर पोता पोती नाती नतिनी तक है ब्लॉग लिखना मेरी मज़बूरी है ताकि मै अपने जीवन की हताशा को शब्दों के माध्यम से व्यक्त कर सकूँ |

5 टिप्‍पणियां:

  1. जिसे आपकी मजबूरी कहते हैं हमारे हिसाब से तो वह हमारी खुशकिस्मती है...............कम से कम एक उम्दा लेखक से परिचय तो हुआ। ब्लॉगजगत में स्वागत और शुभकामनाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  2. Very well written indeed!!! speaks abt the fears n disappointments of a common man.But i just want to give one small suggestion:
    you said that u wrote this blog to express ur disappontment towards this world.
    "Write this blog to expess your joys instead of disappointments, u will feel much better.........LIFE IS NOT FAIR ALWAYS, BUT ITS STILL GOOD N WORTH LIVING......

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी बेटियों की रचनाएँ "सरस पायस" पर
    प्रकाशित करके मुझे ख़ुशी होगी!
    --
    जल्दी भिजवाइए!
    --
    आपका ई-मेल पता उपलब्ध न होने के कारण यह संदेश यहाँ पोस्ट किया है!

    उत्तर देंहटाएं
  4. कल 18/07/2012 को आपके ब्‍लॉग की प्रथम पोस्‍ट को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.
    आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


    '' ख्वाब क्यों ???...कविताओं में जवाब तलाशता एक सवाल''

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपको सदा पढ़ती हूँ.....पसंद भी करती हूँ आपकी रचनाएँ....जानती भी हूँ....मगर ये परिचय आज पढ़ा...

    शुभकामनाएं
    सादर
    अनु

    उत्तर देंहटाएं