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मंगलवार, जून 21, 2011

कैसी है सरकार मेरी और कैसे हुक्मरान है ?

 वैसे सबसे अच्छी सरकार मेरे देश की है|वह किसी को भी अनशन करके भूख से नहीं 
 मरने देती| चाहे कोई गरीब भूख से मर जाये| जब किसी देश में भुखमरी होती है तो 
 वह एक अंतर्राष्टीय मुद्दा बन जाता| और यह सरकार अपना पल्ला झाड़ लेती है|
 इसी सरकार का एक गीत प्रस्तुत है| (यह एक नया प्रयोग है) 


कैसी है सरकार मेरी और कैसे हुक्मरान है|
सो रहे है यह चैन से और जनता परेशान है|

यह रोज नये नये कुछ मुद्दे ढूंढ़ लाते है|
भूख और आतंक का मुद्दा भूल जाते है|
मुद्दों की तो राजनीति यह नहीं जानते,
मुर्दों पर राजनीति बस इनका काम है|

कैसी है सरकार मेरी और कैसे हुक्मरान है|
सो रहे है यह चैन से और जनता परेशान है|

दहलती दिल्ली कभी जयपुर भी जलता है|
आग अहमदाबाद में हो या सूरत सुलगता है|
एक नये हादसे का बस इनको इंतजार है|
हादसों की गिनतियाँ अब बस इनका काम है|

कैसी है सरकार मेरी और कैसे हुक्मरान है|
सो रहे है यह चैन से और जनता परेशान है|

जख्मों पे हमदर्दी का यह मलहम लगाते है|
लाशों पर मुआवज़े का कफ़न डाल जाते है|
एक ही बयान से अपना पल्ला झाड़ लेते है|
एक बात कहते है यह पड़ोसियों का काम है| 

कैसी है सरकार मेरी और कैसे हुक्मरान है|
सो रहे है यह चैन से और जनता परेशान है|