शनिवार, मार्च 14, 2015

सात जन्म का साथ ...

पत्नी बोली , शादी के समय तो
सात जन्म साथ निभाने का वादा करते हो |
और शादी के बाद ,
सात मिनट में ऊब जाते हो |
इंसान से ज्यादा प्यार आजकल पक्षी कर रहे हैं
वह देखो, उस डाल पर बैठे ,
चिड़वा और चिड़िया दो घंटे से ,
कितने प्यार से बात कर रहें हैं |
पति बोला , भाग्यवान
तुम्हारी आँख की रोशनी  काम हुई है या मति मरी गयी है |
 ध्यान  देखो ,
चिड़वा तो वही है पर   चिड़िया बदल गयी है |

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (15-03-2015) को "ख्वाबों में आया राम-राज्य" (चर्चा अंक - 1918) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत खूब, बहुत ही शानदार पंक्तियां।

    उत्तर देंहटाएं
  3. हा हा .. बहुत खूब ... दबी जुबान से आप भी क्या कहना चाहते हैं यह तो बताइये ... :)

    उत्तर देंहटाएं
  4. सही है सर जी। चिड़वा बहुते चालाक है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. चिड़वा तो वही है पर चिड़िया बदल गयी है |

    शानदार पंक्तियां।
    आज कई दिनों ब्लॉग पोस्ट करने का मौका मिला
    आपका स्वागत है ब्लॉग पर
    Recent Post शब्दों की मुस्कराहट पर मुसीबत के सिवा कुछ भी नहीं : )

    उत्तर देंहटाएं